
आज से कांवड़ यात्रा का शंखनाद: हरिद्वार में 6000 जवानों के अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहेंगे शिवभक्त, चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी
हरिद्वार। श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है। 11 अगस्त तक चलने वाले इस विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन के लिए हरिद्वार पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े व पुख्ता इंतजाम किए हैं। करोड़ों शिवभक्तों की सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस के करीब 6,000 जवानों के अभेद्य सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष करीब साढ़े पांच करोड़ कांवड़ श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन को देखते हुए पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर पर मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी और ड्रोन से रखी जाएगी नजर गंगा घाटों, कांवड़ पटरी मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों पर सुरक्षा के त्रिस्तरीय इंतजाम किए गए हैं। जल पुलिस, बोटमैन, SDRF और NDRF की टीमों को प्रमुख स्नान घाटों पर मुस्तैद रखा गया है। इसके साथ ही, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और केंद्रीय कंट्रोल रूम के माध्यम से 24 घंटे की जा रही है। कांवड़ यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश जारी प्रशासन ने कांवड़ की ऊंचाई और डीजे के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू किए हैं: कांवड़ की ऊंचाई: पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट और झांकी/रथ कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट तय की गई है। ध्वनि प्रदूषण पर रोक: डीजे और लाउडस्पीकर का साउंड लेवल 75 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। भड़काऊ या अश्लील गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हथियारों पर पाबंदी: यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का भाला, त्रिशूल या धारदार हथियार ले जाने पर रोक है। यातायात एवं रूट डायवर्जन प्लान कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच-58 और प्रमुख संपर्क मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंधित रहेगा। 5 अगस्त से 11 अगस्त तक हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर भारी वाहनों का संचालन पूर्णतः बंद रहेगा। इसके अलावा, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों (जैसे बैरागी कैंप, नीलधारा, लालजीवाला) का ही उपयोग करें, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।






