पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तरकाशी के युवा पत्रकार राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत पर विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की है।

उन्होंने पत्रकार के परिजनों से मुलाकात की और इस घटना में षड्यंत्र का संदेह व्यक्त किया। हरीश रावत ने राजीव प्रताप को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाला साहसी पत्रकार बताया और उनकी हत्या की आशंका जताते हुए भ्रष्ट माफिया के शामिल होने का संदेह व्यक्त किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पत्रकार की मौत पर शोक व्यक्त किया है और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले से संबंधित कुछ मुख्य बिंदु:
- राजीव प्रताप 19 सितंबर को लापता हुए थे और 28 सितंबर को उनका शव जोशियाड़ा बैराज से मिला था।
- पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह छाती और पेट में लगी आंतरिक चोटें बताई गईं, जो दुर्घटना से लगी लगती हैं।
- राजीव के पिता ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर संदेह व्यक्त किया है, क्योंकि लापता होने से दो दिन पहले राजीव ने उसी अस्पताल की अनियमितता की खबर चलाई थी जहां उनका पोस्टमॉर्टम हुआ।
- राजीव की पत्नी और अन्य स्थानीय पत्रकारों ने भी इस मौत को संदिग्ध मानते हुए धमकियां मिलने की बात कही है।