उत्तराखंड सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है कि दिसंबर 2025 से बाहरी राज्यों के वाहनों पर “ग्रीन टैक्स” लगाया जाएगा।
🔹 मुख्य बिंदु:
- यह टैक्स डी एस टी आर (धूल, स्मॉग, ट्रैफिक रिडक्शन) योजना के तहत लागू किया जाएगा।
- सभी बाहरी राज्य के वाहन — चाहे निजी हों या वाणिज्यिक — जब उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेंगे, तो निर्धारित दर पर टैक्स देना होगा।
- टैक्स की राशि वाहन के प्रकार, ईंधन (डीज़ल/पेट्रोल/सीएनजी/इलेक्ट्रिक), और समय अवधि पर निर्भर करेगी।
- पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों (जैसे नैनीताल, मसूरी, औली, टिहरी आदि) में यह टैक्स सख्ती से लागू किया जाएगा।
🎯 उद्देश्य:
- राज्य के हिल स्टेशनों में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव को कम करना।
- स्थानीय पर्यावरण की सुरक्षा और स्वच्छ हवा बनाए रखना।
- लोगों को इलेक्ट्रिक या सार्वजनिक परिवहन की ओर प्रेरित करना।
⚠️ यात्रियों के लिए सुझाव:
- दिसंबर 2025 के बाद जब भी उत्तराखंड यात्रा की योजना बनाएं, तो पहले से ऑनलाइन टैक्स भुगतान और पोर्टल की जानकारी देख लें।
- संभावना है कि यह टैक्स प्रवेश-स्थलों (जैसे आशारोड़ी, रुद्रपुर, रामनगर आदि) पर लिया जाएगा।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट या रियायत मिल सकती है (इस पर अधिसूचना जल्द जारी होगी)।