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उत्तराखंड वोटर लिस्ट: SIR के तहत नोटिस का जवाब और दस्तावेज जमा करने का अंतिम मौका; जानिए किन-किन पेपर्स की पड़ेगी जरूरत

उत्तराखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR - Special Intensive Revision) अभियान के तहत राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिन मतदाताओं के नाम, आयु, पते या अन्य विवरणों में 2003 और वर्तमान मतदाता सूची के मिलान के दौरान भिन्नता (विसंगति) पाई गई है, उन्हें बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से नोटिस थमाए जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, राज्य में लाखों मतदाताओं को अपनी जानकारी दुरुस्त कराने और वैध अभिलेख प्रस्तुत करने का 13 अगस्त तक का अंतिम समय दिया गया है। 15 सितंबर को वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। 📄 SIR के दौरान किन-किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत? निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, नोटिस का जवाब देने या वोटर लिस्ट में अपने विवरण/नाम को सत्यापित (Verify) कराने के लिए मतदाताओं को निम्नलिखित में से कोई एक वैध दस्तावेज जमा करना होगा: पहचान/जन्म तिथि प्रमाण: भारतीय पासपोर्ट या पैन कार्ड। मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी हाईस्कूल/शैक्षिक प्रमाणपत्र। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र। सरकारी व संस्थागत पहचान पत्र: केंद्र/राज्य सरकार या पीएसयू (PSU) कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का पहचान पत्र या पेंशन भुगतान पत्र। 1 जुलाई 1987 से पूर्व सरकार, स्थानीय निकायों, बैंक, डाकघर या एलआईसी (LIC) द्वारा जारी पहचान या प्रमाणपत्र। स्थानीय व सक्षम अधिकारी प्रमाण: सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा निर्गत निवास या जाति/पहचान प्रमाणपत्र। 🛠️ क्या करें यदि वोटर लिस्ट में हो गड़बड़ी? नाम सुधार/संशोधन (Form-8): यदि नाम, उम्र या पते में कोई लिपिकीय त्रुटि है, तो फॉर्म-8 भरकर आवश्यक दस्तावेज के साथ बीएलओ को सौंपें। नया नाम जुड़वाने हेतु (Form-6): जिन पात्र मतदाताओं का नाम अनंतिम सूची (Draft Roll) से छूट गया है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। बूथ स्तर पर जमा होंगे कागज: सभी दावे और आपत्तियां संबंधित बीएलओ के पास ही बूथ स्तर पर जमा कराई जा सकती हैं। ⚖️ अपील की त्रि-स्तरीय व्यवस्था यदि कोई मतदाता बीएलओ (BLO) की कार्रवाई या निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो आयोग ने तीन स्तरों पर अपील की सुविधा दी है: प्रथम अपील: सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) के समक्ष। द्वितीय अपील: एईआरओ के फैसले के खिलाफ 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय में। अंतिम अपील: यदि फिर भी समाधान न हो, तो 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय में अपील की जा सकती है। प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने बीएलओ से संपर्क कर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करा लें, ताकि आगामी चुनावों में उनके मताधिकार पर कोई आंच न आए।

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